Petrol Diesel Price : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम फिर नीचे आ गए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है, जबकि WTI क्रूड 69 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है। ऐसे में लोग उम्मीद कर रहे थे कि पेट्रोल-डीजल के दाम में भी कुछ राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा। सरकारी तेल कंपनियों ने आज यानी 26 फरवरी 2025 को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, कुछ राज्यों में टैक्स और लोकल वैरिएशन्स की वजह से मामूली बदलाव जरूर देखा जा सकता है। आइए जानते हैं आपके शहर में तेल का क्या रेट चल रहा है।
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम घटे
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 73.22 डॉलर प्रति बैरल पर है, जबकि WTI क्रूड 69.12 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब यह है कि कच्चे तेल के दाम घट रहे हैं, लेकिन इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर कब पड़ेगा, यह कहना मुश्किल है।
महानगरों में पेट्रोल-डीजल का क्या हाल
देशभर के बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। आइए जानते हैं आज का लेटेस्ट अपडेट:
पेट्रोल के रेट (₹ प्रति लीटर)
- दिल्ली – ₹94.72
- मुंबई – ₹104.21
- कोलकाता – ₹103.94
- चेन्नई – ₹100.75
डीजल के रेट (₹ प्रति लीटर)
- दिल्ली – ₹87.62
- मुंबई – ₹92.15
- कोलकाता – ₹90.76
- चेन्नई – ₹92.34
अपने शहर में पेट्रोल-डीजल का दाम ऐसे चेक करें
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का क्या रेट है, तो इंडियन ऑयल (IOCL) आपको SMS के जरिए यह जानकारी देता है। इसके लिए आपको अपने मोबाइल से एक SMS भेजना होगा:
- IOCL के ग्राहक: RSP <डीलर कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें
- BPCL के ग्राहक: RSP <डीलर कोड> लिखकर 9223112222 पर भेजें
- HPCL के ग्राहक: HPPRICE <डीलर कोड> लिखकर 9222201122 पर भेजें
डीलर कोड आपको अपनी नजदीकी पेट्रोल पंप की रसीद से मिल जाएगा।
क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम
हालांकि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम गिर रहे हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। इसके पीछे कुछ बड़े कारण हैं:
- सरकार की एक्साइज ड्यूटी और टैक्स – केंद्र और राज्य सरकारें तेल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जिससे दाम जल्दी कम नहीं होते
- लॉन्ग-टर्म प्राइसिंग पॉलिसी – भारत में तेल कंपनियां दाम तय करने से पहले लंबी अवधि के ट्रेंड को भी देखती हैं
- रुपये की गिरावट – डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो भारत को कच्चा तेल महंगा पड़ता है
क्या आगे मिल सकती है राहत
अगर कच्चे तेल के दाम इसी तरह गिरते रहे और सरकार टैक्स में कोई कटौती करती है, तो हो सकता है आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल सस्ता हो जाए। लेकिन फिलहाल, आपको अपनी जेब पर और बोझ डालने के लिए तैयार रहना होगा। फिलहाल कोई बदलाव नहीं, लेकिन उम्मीद बनी हुई है।